खुलासा: नागरिकता लेने के लिए अदनान ने दिया झूठा हलफनामा!

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आपके अपने चैनल पर होने वाले खुलासे के केंद्र में हैं वही अदनान सामी जिनके साल 2000 में आए पहले भारतीय एलबम कभी तो नजर मिलाओ ने उन्हें भारत में सबसे कामयाब पाकिस्तानी गायक की पहचान दिला दी थी. पाकिस्तानी गायक अदनान सामी हाल ही में सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान में ”भर दो झोली मेरी” कव्वाली गाकर सुर्खियों में आए थे.

पाकिस्तानी नागरिक अदनान सामी को भारत सरकार नागरिकता देने जा रही है. लेकिन अदनान सामी ने भारत की नागरिकता के लिए जो अर्जी लगाई है उसमें उन्होंने कई सच छिपा लिए हैं. यानी भारत की नागरिकता पाने के लिए अदनान सामी ने बोला है झूठ.

इतना ही नहीं आरोप है कि अदनान सामी ने भारत में दर्जनों लोगों के पैसे भी नहीं चुकाए हैं. अदनान पर विदेशी मुद्रा के सबसे सख्त कानून यानी फेमा के तहत मामला दर्ज है और साथ ही उंगली उठ रही है उनके इनकम टैक्स रिटर्न पर जिसमें उन्होंने कर चोरी की है लेकिन नागरिकता की अर्जी में किसी बात का जिक्र नहीं है.

भारत की नागरीकता पाने के लिए अदनान सामी ने जो हलफनामा दिया है उसे देखकर अपका दिमाग चकरा जाएगा. इस हलफनामे मे कई झूठ है और गौर करने वाली बात यह है कि भारत सरकार ने इस हलफनामे मे लिखी तमाम झूठ को सच मान लिया. चौंकाने वाली बात ये है कि जांच तक नहीं की गई लेकिन एबीपी न्यूज ने इस हलफनामे की जांच की है और हम आपके सामने पेश कर रहे हैं अदनान सामी की हकीकत.

आपके इस चहेते गायक यानी अदनान सामी ने भारतीय नागरिकता पाने के लिए 16 जनवरी साल 2013 को अर्जी दाखिल की थी. ये वही वक्त था जब उनके भारतीय वीजा की समयसीमा खत्म हो गई थी और ये खबर सुर्खी बनी थी. इस दस्तावेज के मुताबिक उन्होंने मुंबई के उपनगरीय जिला कलक्टर को हलफनामा दिया और अपने बारे में कई दावे किए हैं.

अदनान सामी ने इस दस्तावेज में भारत की नागरिकता पाने के लिए जो दावे किए हैं उनमें से कई पूरी तरह झूठे हैं. अदनान सामी ने जो हलफनामा दिया है उसके मुताबिक कॉलम नंबर 17 में ये दावा किया गया है कि अदनान सामी पर सिर्फ एक आपराधिक मामला दर्ज है और वो है उनकी पत्नी के साथ शादी शुदा जिंदगी के बारे में लेकिन ये सच नहीं है.

भारत में पैसों के लेन-देन पर कड़ी नजर रखने वाले प्रवर्तन निदेशालय यानी इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के एक पास मौजूद एक दस्तावेज में अदनान सामी का नाम दर्ज है. इसमें बाकायदा 41 बिंदुओं में ब्योरा देते हुए बताया गया है कि अदनान सामी पर 21 दिसंबर साल 2010 में विदेशी मुद्रा के लेन-देन में गड़बड़ी करने के आरोप साबित होता है. इसके लिए उन्हें 20 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा. इस जुर्माने की पूरी कहानी भी बताएंगे लेकिन पहले इतना जान लीजिए कि अदनान सामी ने इस पूरे मामले का जिक्र नागरिकता के आवेदन में नहीं किया.

दुनिया भर में शो करने वाले अदनान सामी ने अपने ऊपर दर्ज कई और मामले भी नागरिकता के लिए दिए गए हलफनामे में छिपा लिए. एक और दस्तावेज के मुताबिक उन पर सीआरपी की धारा 420 , धारा 323, धारा 504 और 506, धारा 498 A, धारा 406 और 384 के तहत भी मामला दर्ज है जो अभी खत्म नहीं हुआ है. ये दस्तावेज अंधेरी के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट का है. ये मामले धोखाधड़ी से जुड़े हुए हैं आपको ये भी बताएंगे दिखाएंगे कि आखिर धोखाधड़ी के ये मामले अदनान सामी पर क्यों दर्ज हुए? लेकिन फिलहाल आपको बता दें ये मामला भी अदनान ने नागरिकता की अर्जी में शामिल नहीं किया है.

हलफनामे में पत्नी के साथ मारपीट का भी जिक्र नहीं

अदनान सामी पर अपनी पत्नी सबा गलादरी के साथ शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी मामला चल रहा है. लेकिन नागरिकता के लिए दायर हलफनामे में इस मामले का जिक्र तो किया गया लेकिन उन धाराओं को छिपा लिया गया जिसके मुताबिक अदनान सामी पर अपनी पत्नी के साथ घरेलू हिंसा और ब्लैकमेलिंग जैसे मामले दर्ज हुए.

पहले भी किया था नागरिकता के लिए आवेदन
नागरिकता के लिए दायर हलफनामे के कॉलम 20 में लिखा है कि उसकी नागरिकता पहले कभी खारिज नहीं की गई ना ही उसने अर्जी लगाई है. ये बात भी भी एक झूठ है. प्रवर्तन निदेशालय के विदेशी मुद्रा कानून के तहत दर्ज मामले के दौरान अदनान ने कोर्ट के सामने खुद माना था कि साल साल 2002 में उसने भारतीय नागरिकता के लिए अर्जी लगाई है.

इसी हिस्से में लिखा है कि अदनान सामी ने भारतीय नागरिकता के लिए उसने 5 अप्रैल साल 2005 में अखबार में इश्तेहार भी जारी किया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अदनान सामी ने भारत की नागरिकता के लिए जो दस्तावेज भारत सरकार को दिए हैं उसकी जांच क्यों नहीं हुई.

कईओं को लगाई पैसों की चपत
अदनान सामी ने नागरीकता पाने के लिए अर्जी मे जो गलत बातें लिखीं है. उसे गृह विभाग ने या फिर भारतीय ओथोरिटीज ने क्यों नजरअंदाज किया यह अपने आप में जांच का विषय है. वैसे अदनान ने कईओं के पैसे भी चपत किए है.
अदनान सामी की जिंदगी भी दरअसल उनके हलफनामे की तरह ही झूठी है. ये दावा हम नहीं बल्कि उनके साथ काम कर चुके लोग आज भी करते हैं. राजेंद्र लोढ़िया साल 2011 से साल 2013 के बीच अदनान सामी के मैनेजर रह चुके हैं. उनकी जिम्मेदारी थी अदनान सामी के देश और विदेश के शो आयोजित करवाना और इसके लिए हर जरूरी काम करना.

इसके लिए बाकायदा एक कान्ट्रैक्ट भी किया गया था जिसे एक दिन अचानक अदनान सामी ने बिना नोटिस दिए रद्द कर दिया. यही नहीं करार के मुताबिक जो 10 फीसदी रकम यानी 27 लाख रुपये राजेंद्र लोढ़िया को मिलने थे वो भी नहीं दिए.

राजेंद्र लोढ़िया खुद बताते हैं कि अदनान सामी ने झूठ बोलकर हाईकोर्ट में रखा पासपोर्ट छुड़वाने के लिए उनसे डेढ़ करोड़ की गारंटी भी दिलवाई थी. राजेंद्र लोढ़िया ने अदनान सामी से पैसे लेने के लिए बाकायदा
मामला अंधेरी के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में जारी है. अदनान सामी ने अब तक राजेंद्र लोढ़िया को पैसे नहीं चुकाए हैं. अदनान सामी के मैनेजर राजेँद्र लोढ़िया का दावा है कि अदनान ने सिर्फ उनके ही नहीं साथ में काम करने वाले हर शख्स को धोखा दिया है.

कार ड्राइवर, कामवाली और सिक्युरिटी वालों भी नहीं दिए पैसे
आरोप ये भी है कि अदनान सामी ने ना सिर्फ अपने पूर्व सेक्रेटरी बल्कि अपनी सिक्योरिटी एजेंसी 911 को भी पैसा नहीं दिया. सिक्योरिटी एजेंसी के मालिक यूसुफ के मुताबिक उनके 14 लाख रुपये अदनान सामी ने नहीं दिए. चेक बाउंस होने के बाद अदनान ने यहां तक कह दिया कि वो पैसे दे चुके हैं.

अदनान सामी पर पुलिस में दर्ज मामले के ये दस्तावेज ये भी बताते हैं कि उन्होंने अपनी नौकरानी की तनख्वाह, ड्राइवर की तनख्वाह और सोसायटी का मेंटिनेंस भी नहीं दिया है. इन आरोपों के बावजूद उन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसलिए सवाल उठता है कि कहीं इसकी वजह अदनान सामी का रसूख तो नहीं?

अदनान को पहले अपनी सर्विसेस दे चुके लोगों का कहना है कि सोसायटी के मेन्टेनन्स से लेकर कामवाली बाई का पगार और ड्राइवर की सैलरी तक अदनान ने नहीं दी है. लेकिन आप एसा न समजीए की अदनान सामी के पास पैसे नहीं है. बल्कि पैसो का इस्तमाल गलत तरीके से भारत की संपत्ती खरीदने पर उसे दोषी ठहराया जा चुका है.

अदनान पर विदेशी मुद्रा लेन देन में गड़बड़ी का भी आरोप
अब आपको बताते हैं कि अदनान सामी ने विदेशी मुद्रा के लेन-देन में गड़बड़ी के जिस मामले का जिक्र भारतीय नागरिकता की अर्जी में नहीं किया है वो क्या है. अदनान सामी को गुनाहगार साबीत करने वाला फेमा कोर्ट यानी विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून की अदालत का ओर्डर 21 दिसंबर 2010 को जारी हुआ था.

इस दस्तावेज में दर्ज है कि अदनान सामी मुंबई के अंधेरी इलाके के ओबेरॉय गार्डन में एक दो नहीं पूरे 8 फ्लैट्स खरीदे हैं. लेकिन पाकिस्तानी नागरिक होते हुए भारत में बिना मंजूरी के फ्लैट खरीदना गैरकानूनी है. सरकार का नियम है कि इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मंजूरी लेनी होती है जो अदनान सामी के पास नहीं थी.

फेमा कोर्ट में बाकायदा केस चला और इस पूरे मामले मे अदनान को 20 लाख रुपयो का जुर्माना भी हुआ है. अदनान ने इसके खिलाफ अर्जी लगाई है. भारत सरकार ने अदनान के वो आठ फ्लैट सील कर दिए हैं. आपको बता दें कि जुर्माना चुकाने के लिए अदनान सामी को साल 2010 में 45 दिन की मोहलत दी गई थी लेकिन पांच साल बाद भी अदनान ने जुर्माना नहीं भरा.

अदनान पर पत्नी के साथ मारपीट का भी मामला दर्ज है
अदनान ने अबतक कुल 4 शादियां की है और उसकी बीवी ने उसके खिलाफ डोमेस्टीक वायोलन्स की शिकायत दर्ज कराई है. जिस पर कोर्ट मे केस जारी है. अदनान की बीवी का नाम सबा गलादरी है जो कि युएई की नागरिक है. उनकी शादी साल 2001 में हुई थी लेकिन महज दो साल बाद यानी साल 2003 में ये शादी टूट गई. लेकिन अदनान ने साल 2007 मे एक बार फिर सबा गलादरी से शादी कर ली लेकिन इस बार भी दो साल बाद यानी साल 2009 मे दोनों ने अलग होने का फैसला किया.

साल 2012 में तलाक से पहले अदनान की पत्नी सबा ने घरेलू हिंसा, अपने पैसों के गबन, अपने फ्लैट पर कब्जा और ब्लैकमेल करने जैसी गंभीर धाराओं में अदनान के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. ओशिवरा पुलिस स्टेशन मे दर्ज शिकायत के मुताबिक साल 2010 से ही अदनान सामी सबा गलादरी को उसके ही अपने फ्लैट में आने से रोक रहा था. ये फ्लैट 2005 से सबा के नाम ही था.

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