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सफलता के लिए मेहनत , लगन व ईमानदारी जरुरी -राऊत

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मुंबई :  सफलता के लिए लगन, मेहनत व ईमानदारी बहुत जरूरी है |

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इन आदतों के जरिये सामान्य मनुष्य भी सफलता की उचाईयों को छू सकता है ये विचार उद्योगपति और मृदुल इलेक्ट्रानिक्स के प्रबंध निदेशक श्री चंद्रकांत राऊत ने एक साक्षात्कार के दौरान व्यक्त किये |उन्होंने कहाकि मेहनत का कोई विकल्प नही है |इसके अलावा आदमी को अपने काम के प्रति ईमानदार होना चाहिए |इसके साथ ही साथ जुनून ,लगन और उत्साह जिन्दगी में टानिक का काम करते हैं |

 

गौरतलब है कि श्री राऊत पहली पीढी के उद्योजक है जिन्होंने खुद संघर्ष करके अपना उद्योग खड़ा किया |ठाणे जिले की वसई तालुका के वाघोली गांव में १९ दिसंबर १९५८ को एक किसान परिवार में जन्मे श्री राऊत ने सं १९७९ में अपनी शिक्षा पूरी की |उसके बाद वे प्रभादेवी स्थित श्रवण यन्त्र बनानेवाली कम्पनी आर्फी इलेक्ट्रानिक्स में असेम्ब्लर के रूप में काम करने लगे |वहां उनके कुछ सहकर्मियों ने कहाकि अभी  श्रवण समस्या पर बहुत काम करने की जरूरत है |ऐसा प्रोत्साहन पाकर श्री  राऊत प्रशिक्षण के लिए पार्ट टाइम  क्लासेस में दाखिल हो गए |वहां उन्होंने आडीयोमीटर ,हियरिंग ऐड के बारे में बारीकी से प्रशिक्षण लिया |इसके साथ ही उन्हें श्रवणयंत्र के बारे में अच्छी जानकारी हो गयी |इसी दौरान उन्होंने सेल्स और सर्विस इंजीनियर के रूप में पूरे भारत का भ्रमण कर लिया |

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अगस्त १९८४ में उन्होंने आर्फी कम्पनी से वीआरएस ले लिया |यही से उनकी असली यात्रा शुरू होती है |खूब सोच विचार के बाद उन्होंने स्वतंत्र उद्योग शुरू करने का फैसला किया |सेवानिवृत्ति के बाद मिले पैसे से उन्होंने मृदुल इलेक्ट्रानिक्स हियरिंग ऐड सेंटर नामक कंपनी शुरू की |आर्फी कम्पनी के अनुभव और बढे जनसंपर्क के कारण  शुरू में उन्हें काम करने में कोई दिक्कत नहीं आई |शुरुआत में उन्होंने आर्फी के ही आडीयोमीटर स्प्रीस टरनर्स तथा हियरिंग ऐड वितरित करने का काम शुरू किया |शुरू में इस क्षेत्र में ज्यादा कंपनियां नही थी और तब ज्यादा स्पर्धा भी नहीं थी लेकिन जल्द ही स्थिति बदल गई |इस क्षेत्र में तमाम विदेशी कम्पनियां भी आ गयीं और स्पर्धा बढ़ गयी |श्री राऊत इस स्थिति से घबराये नहीं |उन्होंने खुद को समय के साथ बदल लिया और अत्याधुनिक तकनीक का ज्ञान प्राप्त किया |

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अब मृदुल कम्पनी अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों सीमेंस ,ओरिकन तथा आल्प्स इंटरनेशनल के श्रवणयंत्र वितरण का काम कर रही है |दादर में दादासाहेब फाल्के रोड पर स्थित हिन्द राजस्थान बिल्डिंग के चौथे मजले पर मृदुल कंपनी कान के मरीजो का परीक्षण करती है |कंपनी कर्णवधिरों से मरीज की तरह नहीं मित्र की तरह व्यवहार करती है |इससे रोगियों में नई आशा का संचार होता है |कंपनी के पास सभी अत्याधुनिक सुबिधायें उपलब्ध हैं |सेंटर की www.mhaids.com नामक वेबसाईट भी उपलब्ध है |इस सेंटर पर श्रवण समस्या से ग्रस्त लोगो का परीक्षण करके उन्हें जरुरत के अनुसार श्रवण यन्त्र उपलब्ध कराये जाते है |सेंटर श्रवणयंत्रों की सर्विसिंग भी करता है |इस उत्कृष्ट सेवा के कारण आज कंपनी के पास १५ हजार से अधिक संतुष्ट ग्राहक है |इसके अलावा सेंटर नॅशनल हियरिंग इंस्टीटयूट को भी श्रवणयंत्र  उपलब्ध कराता है | डेढ़ लाख रूपये की पूँजी से शुरू हुई कंपनी की गणना आज सफल कंपनियों में की जाती है |उत्कृष्ट सेवा के लिए  कंपनी को आई .एस .ओ. :२००० प्रमाण पत्र  भी मिल चुका है |श्री राऊत की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार भी प्रदान किया गया है |

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